आंवला के गुण फायदे एवम उपयोग आंवला जूस के फायदे आंवला के औषधीय गुण आंवला खाने के फायदे

आंवला के गूंण :- आंवला  में भरपूर  मात्रा  में एंटी  ऑक्शीडेट  पाया जाता है .और  आंवले  में पोटाशियम,  काबोहाइडेट ,फायबर , प्रोटिनस , विटामिन  ‘ ए ‘,’ बी ‘  काम्प्लेक्स,मैग्नेशियम ,विटामिन ‘ सी ‘  भरपूर मात्रा में पाया जाता है.  नारंगी  से २०%  ज्यादा  विटामिन  ‘सी ‘ होता  है  और इसको गर्म करने पर  भी  इसकी विटामिन ख़तम नहीं होते  हे .

आवला के फायदे:- लाख दुखों की एक दवा

  1. आंवला के  स्वस्थ  सम्बन्धी   फायदे :- आंवला  का रश  आखो  के लिए  बहुत  फायदे मंद हे . आखो की दृस्टि को  या  जोयति  बटाता है .  मोतियाबिद में , कलर  ब्लाईटनेश , रतोंधी  या  कम  दिखाई  पड़ता  हो तो  भी  आंवला  का जुश  फायदेमंद हे . आखु के दर में भी  फायदा होता है .
  2. मोटाबोलिक क्रियाशीलता  को बढ़ता   एवं पाचनक्रिया  में मदद  करता है : आंवला   मेटाबोलिक  क्रियाशीलता को  बढ़ता है .मोटाबॉल्ज़िम  क्रियाशीलता से  हमारा  शरीर  स्वस्थ  और  सुखी  होता  है. आंवला  भोजन  को पचाने  में बहुत  मददगार  साबित  होता है खाने  में अगर  प्रतिदिन  आंवले की चटनी , मुरब्बा , अचार ,रश ,चूर्ण  या  चवनप्राश  केशे भी  रोजमरा  की जिंदगी में  सामिल  करना चाहिए . एशे  कब्ज  की शिकायत  दूर  होती  है  पेट  हल्का रहता  है . रक्त  की मात्रा  में   बढ़ोतरी  होती  है. भोजन  का पाचन  करने में मदद करता है.
  3. डायबिटिक के लिए :  आंवला में क्रोमियम  तत्त्व  पाया  जाता है  जो डायबिटिष  के  उपयोगिक होता है . आंवला  इंसुलिन   होरमोर  को बढ़ाता है. और खून में शुगर की मात्रा को नियंत्रण साख ता है  क्रोमियम  बिता ब्लॉगर  के प्रभाव  को कम करता है. जो की हदय के लिए  बहतरीन होता  है, हदय को स्वस्त बनाता है  आंवला ख़राब कोलेस्ट्रोल  को ख़तम  कर अचे कोलोस्टॉल  को  बनने  में मदद  करता है  आंवला  के रश  में सहद  मिलाकर लेने  से डायबिटिष  वालोको बहुत फायदा होता  है .
  4. महावारी  में मुश्किल : महिलाओ  में  महावरी  की  मुश्केली आम  जा रही है . महावीरी का देर  से आना  , ज्यादा  आना ,  जल्दी  आना   काम आना , पेट में दर्द होना ,सही मुस्केलिया आती रहती है . एस सबके  लिए आंवला  फायदे मंद है . आंवला में मिनीरल्स , विटामिन  पाया जाता है , जो महावीर में बहोत आराम देता है.

  1. प्रजनन  सम्बन्धी  मुस्केलिक्य  में लाभकरि :  आंवला  प्रजनन  के लिए  बहुत  ही उत्तम  है  महिलाऔ  और पुरूषों  के  लिए  आंवला  के सेवन  से पुरुषो  में  शुक्रनो  की किरियाशील ता और  मात्रा  बढ़ जाती है  और महिला में  अंडाणु  अच्छे  और स्वस्थ  बंटे है , महावीर  नियमित  हो जाता है .
  2. हड़िया के लिए उत्तम : आंवला  के सेवन  से हडियोमे मजबूत  और  ताकत  मिलती है . आंवला  के सेवन  से  ओस्ट्रोपोरोशिस  और  आथरेडीश  एव  जोरो  के दर्द  में भी  आराम मिलता है .
  3. तनाव से छुटि : आंवले के सेवन  से तनाव से  आराम मिलता है  अच्छी  नींद  आती है . आंवला  के तेल  को बालो के जादू में लगाया जाएतो  सफ़ेद बालो से छुटकारा मिलता है  सर को ठंडा रखता  है और राहत देता है
  4. संक्रमण से  बचाव : आंवला  में   बेक्टेरिया  और  फंगस  से लड़ने की केपेशीती  होती है  और ये  बाहरी  बिमारिओ  से भी हमें  बचाता  है. आंवला   सरीर  को  चुस्त  का उशे  रोगप्रतिकरक सकती को बढ़ाता है . आंवला  अल्सर , अल्सरेटिव , कोलोटिप्स , पेट  में संक्रमण , जैसे  विकार  को ख़तम करता है .
  5. मूत्र  विकारो  से  छुटकारा  दिलाता है : मूत्र  विकाश  में आंवला  का चूर्ण  फायदा मंद है. आंवला  के  छाल  और  इश्कि  पतियो  को पानिमे  उबालकर  छान  ले और  उसका  सेवन करे  बहुत  फायदेमंद है . किडनी  में  होने  वाले  संक्रमण  को भी  ख़तम  करता  है . किडनी में होने वाली पत्थरी  छुटकारा मिलता है
  6. वजन काम करने  में : आंवला  के रस  का सेवन करने से वजन  कम  करने में मदद मिलती है. आमला  हमारे  मेंबोल्जिम  को तेज कर वजन काम करने में मदद करती है. आमला  के सेवन  से भूख  काम लगती है  और काफी  देर  तक पेट  भरा  हुवा रहता है.
  7. 11. नकसीर के लिए : अगर किशी  को नकसीर  की तकलीफ  हे  तो उन्हें  आंवला  का सेवन  करना फायदेमंद होता है . तजा  रश ३-४  चामच  का सेवन  करने  चाहिए  , या  १ ग्राम  चूर्ण  को ६०  मिलीग्राम  पानी के साथ  साथ लेना चहिये . नाक  से खून  आने  की  आदत से आराम मिलता है.

12.ह्रदय  की समष्या  से  उबारता है :  आंवला  हमारे  ह्रदय  के  मांसपेशीय  के लिए उत्तम है . आंवला  हमारे ह्रदय  को  स्वश्थ  बनाने का काम करता है . आंवला  ह्रदय की  नलिकाओ  में होनो  वाली  रूकावट  को ख़तम करता है. करब कोलेरटॉर को  ख़तम कर  अच्छे  कोलेस्टर  को  बनाने में मदद करता  है … आंवला  में एंटी  ऑक्सीडेंट तत्त्व  प्रचुर  मात्रा  में पाया जाता है. जो सरीर में फ्री रेडिकल  को बनाने  ही नहीं देता . एंटी ऑक्सीइड  के रूप में   एमिनो एशिड  और  पेक्टिन  पाए जाते है . जो की  कोलोस्टर को नहीं बने देते  और ह्रदय  की माशपेशियों को मजबाब बनाता है . आंवला  का रस  प्रतिदिन  सेवन करने से लाभदाई है .

आंवला के फायदे, गुण, लाभ, नुकसान –

13 .उग्रता व उतेजना  में शांति  दिलाता है : आंवला  के सेवन  से हमेशा आने  आवल उतेजना  से शांति  मिलती है . अचानक  से  पशीना आना,  गर्मी  लगना  , धातु  के रोग, प्रमेय , प्रदर , बार बार कामुक  का विचार आना  सब चीजो से आराम मिलता है .

  1. 14. बबासीर में आराम मिलता है : आवंले के रश  से बबासीर  ढीक  हो जाती है.
  2. 15. कुष्ट रोग : आंवला के राश का सेवन   फायदेमंद होता है.
  3. 16. उल्टी या वमन के लिए लाभकरि : आवंला  का  पावडर  और  शहद  सेवन  करे  या  आवंला  के रश  में मिश्री  मिलाकर  सेवन करने  से उल्टियां  का आना  बंद  होजाता है.
  4. 17. रोग प्रतिरोध : आंवल में एंटी ऑक्सीइड  होते  हे  जो सरीर  की रोगप्रतिरोध केपेशीती  को बढ़ाता है  और  ये मौसम  में  होने  वाले  बदलाव  के कारण  होने  वाले वायरल  संक्रमण  से भी  बचता है .

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